USB हिंदी में! USB क्या है? USB
का फुल फॉर्म
हैलो दोस्तों, allhindimeinformation.blogspot.com
में आपका स्वागत
है, आज हम इस पोस्ट
में USB (यूनिवर्सल सीरियल बस) के बारे में जानने की कोसिस करेंगे।यदि
आप कंप्यूटर या मोबाइल इस्तेमाल करते हो तो USB का इस्तेमाल भी जरुर करते
हो Mobile को कंप्यूटर के
साथ जोड़ने के लिए। तो आपको क्या पता या USB क्या है और USB का फुल फॉर्म क्या है!
अगर पता नहीं है तो आजके इस पोस्ट को पढ़े आप USB के पूरी जानकारी के साथ
ही कितने प्रकार के USB है सब कुछ जान सकते है।
USB क्या है?
आसन भाषा में USB का काम है दोनों डिवाइस
को एक दुसरे के साथ जोड़ना। मतलब आपको अपने मोबाइल, प्रिंटर, माउस, कीबोर्ड को कंप्यूटर या
लैपटॉप के साथ जोड़ना है तो इसके लिए आपको USB का इस्तेमाल करना होता
है। USB डेटा ट्रांसफर, मोबाइल चार्जिंग ही और
बहुत काम के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
आजके तारीख में USB और भी Ja स्मार्ट हो चूका है, मोबाइल को मोबाइल के साथ
जोड़ने के लिए OTG USB केबल का इस्तेमाल होता है। USB OTG के मदद से मोबाइल पर
कीबोर्ड, माउस को कनेक्ट किया जाता है साथ ही USB पेनड्राइव को भी बहुत
आसानी से कनेक्ट किया जाता है।
USB का Full
Form
USB एक छोटा रूप है यदि आपको
इसका फुल फॉर्म नहीं पता है तो इसका पूर्ण रूप यूनिवर्सल सीरियल बस है।
U→ यूनिवर्सल (यूनिवर्सल)
S→ सीरियल (सीरियल)
B→ बस (बस)
USB से हटाए गए और एक नाम है
और वह OTG USB है, हो सकता है की आपको OTG का फुल फॉर्म भी नहीं पता
होगा, अगर आपको OTG का फुल फॉर्म नहीं पता है तो इसका फुल फॉर्म On-The-Go
है।
O→ ON
T→ THE
G→ GO
USB का सूचक किसने किया और कब
हुआ था?
सायेद आपको सुनकर गर्ब
महेसुस होगा की USB बनाई थी एक भारतीय ने और उनका नाम अजय भट था। इंटेल कंपनी
में काम करता था अजय भट ने तब आपको टीम के साथ मिलकर 1995 को USB बनाये और उसी साल बाजार
में भी आ गया।
पहले से कुछ USB हुआ था लेकिन सबसे पहले USB 1 संस्करण बाजार में आया
था 1996 जनवरी को। तब उस
USB का डेटा ट्रांसफर
स्पीड केवल 0.1875MB था। वर्ष 1996 को बहुत सी डिवाइस में USB का इस्तेमाल शुरू हो चूका
था लेकिन जैसा पोपुलर नहीं हो पाया था। लेकिन साल 1998 में जब IMAC
USB का इस्तेमाल शुरू
हुआ तब से USB पोपुलर होना शुरू हो गया।
USB
(USB) का Version:
तो सायेद आपको पता है की 1996 को पहले USB 1 रिलेसे हुआ था और वह
पहले संस्करण में USB का था। USB 1 का डेटा ट्रांसफर स्पीड बहुत स्लो हुआ था, इस के लिए धीरे धीरे और
बहुत सरे USB संस्करण बनाया गया था जो निचे उन सभी संस्करण के बारेमे
बताया गया है।
1.USB
Version1: 1996 को पहला USB Version
1 का रिलेसे हुआ
था उस समय इस Version में बहुत ही जोडा समस्या होने के कारन तुरंत USB
1.1 release किया गया था। USB 1 में डेटा ट्रांसफर स्पीड
केवल 0.1875MB थी, लेकिन जब 1.1 आया तो इसका डेटा ट्रांसफर स्पीड कम बैंडविड्थ में 1.5 Mbps और पूर्ण बैंडविड्थ में 12 Mbps था।
2.USB
Version2: आब समय था और
अपग्रेड की इस वर्ष 2000 के अप्रैल में और USB Version release
हुआ इसका Version THE
USB 2.0। इस नए वेरिसन
के USBमें डेटा
ट्रांसफर रेट बहुत ठीक था, इस वेरिसन USB 480Mbps डेटा ट्रांसफर रेट सपोर्ट
करता है। अगर आपके पास कोई लैपटॉप या कंप्यूटर नहीं है, तो उसमे दो 2.0
USB पोर्ट है।
3.USB
Version3: 2009 को और एक USB version
बाजार में आया था
जो USB 3.0 था, यह version
5GB डाटा ट्रांसफर कर
सकता है कभी कभी उसी भी जस्टा। इसके बाद 2013 में USB
3.1 रिलेसे हुआ जो 10GB डेटा ट्रांसफर कर सकता
है। लास्ट में और एक वेरिसन जो 3.2 के नाम से जाना जाता है और इसका डेटा ट्रांसफर रेट है 20GB और आभी तक येही लेटेस्ट
वर्जन है।
USB का प्रकार - USB
(USB) का प्रकार
USB के अलग अलग संस्करण में
बारेमे जाना, आब हम us कितने प्रकार के है वो जानने की कोसिस करेंगे। USB बहुत तरह के होते है जैसे
की TYPE - A, TYPE - B, MINI, MICRO USB तो चलिए जानते है इन सभी अलग अलग प्रकार के USB का काम क्या है और कोनसा USB की काम के लिए इस्तेमाल
किया जाता है।
TYPE
- A: जटार USB केबल के साथ TYPE - एक पोर्ट का इस्तेमाल
किया जाता है, जैसे की माउस, कीबोर्ड में टाइप - एक
पोर्ट का इस्तेमाल होता है। और भी बहुत चार्जर और डिवाइस है जिसमें टाइप - एक
पोर्ट का इस्तेमाल होता है।
TYPE
- B: यह पोर्ट दिखने में वर्ग की तरह होते हैं, और इस टाइप के USB पोर्ट का इस्तेमाल जतरा
प्रिंटर और इस तरह के डिवाइस में होता है।
मिनी-USB: माइक्रो USB आने से पहले मोबाइल में
मिनी USB का इस्तेमाल बहुत जेडा होता था, मिनी USB सामान्य जो USB होता है उससे बहुत छोटा
होता है। आभी भी मिनी USB का उपयोग होता है कुछ कैमरा है।
माइक्रो-USB: मिनी USB से छोटा होता है माइक्रो USB, आशि जसरत मोबाइल इस
प्रकार के USBपोर्ट का ही सीपीए उपयोग होते हैं।
TYPE-C: पीछे जितने भी USB पोर्ट में उन सबसे जेडा
स्पीड में डेटा ट्रांसफर कर सकते है Type-c, इस टाइप के पोर्ट का
इस्तेमाल आशिष जडार मोबाइल, टैब और लैपटॉप में किया जाता है।वर्ष 2014 के अगस्त के महेने में
बाजार में आया था। Type-c बिलकुल नई एक तकनीक है, इस टाइप के USB के बिच में नार्मल USB जोडा कनेक्टर होता है (12 +
2 = 24 पिन) इस कारन से
इसी एक पोर्ट में बहुत से डिवाइस कनेक्ट हो जाता है।
USB On
The Go(OTG):
बिलकुल नई तकनीक
है, सायद आपने OTG केबल का नाम बहुत सुना
होगा आजके डेट में बहुत सी लोग इसको इस्तेमाल भी कर रहे है। OTG का फुल फॉर्म On The
Go है, जो मूल रूप से इस प्रकार
के USB मोबाइल और
पोर्टेबल डिवाइस के होस्ट का काम करता है। मान लीजिये आपको मोबाइल में कंप्यूटर
कीबोर्ड या माउस का उपयोग करना है तो आप इस OTG USB केबल का उपयोग करके आसानी
से अपने मोबाइल के साथ कीबोर्ड माउस कनेक्ट कर सकते हैं।अगर आपको USB Pen
drive को मोबाइल में
ओपन करना है, तो वह भी आप इसी तरह OTG USB केबल के मदद से कर सकते
हैं। तो मूल रूप से यह काम करता है एक OTG USB केबल है।
USB पोर्ट क्या है?
आभी तक हम USB के बारेमे बहुत कुछ जाना
और इसी दौरान बहुत बार USB पोर्ट समद का इस्तेमाल भी किया, लकिन ऐसा बहुत लोग है
जीको सही से पता नहीं है की यह USB पोर्ट क्या है? तो USB आपके मोबाइल, कंप्यूटर, प्रिंटर के साथ ही जुडा
होते है और एक USB पोर्ट का काम ही एक डिवाइस को दुसरे डिवाइस के साथ कनेक्ट
करना है। कुछ लोग इसको फीमेल पोर्ट के नाम से भी जानते हैं।
तो दोस्तों उम्मीद करते
है की आपको आजके इस जानकारी से USB क्या और USB कैसे टाइप क्या है और USB का फुल फॉर्म क्या है पता
चल रहा है। यदि आपको आजका यह जानकारी पसंद आई है तो कृपा करके पोस्ट को जितना हो
सके अपने दोस्तों के साथ शेयर करे, कोई भी सवाल हो तो हमें कमेंट में बताए।

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