साइबर क्राइम क्या है| What is Cyber Crime in Hindi
हैलो दोस्तों,
allhindimeinformation.blogspot.com में आपका स्वागत है, आज की पोस्ट में आपको Cyber Crime क्या है उसकी की पूरी जानकारी दी
जाएगी, और पिछली पोस्ट में हमने आपको Social
Media क्या है इस की जानकारी दी थी.और हमें उम्मीद है आपको हमारा ब्लॉग जरूर से पसंद आया होगा। तो चलिए हम शुरू करते है
आज का हमारा टॉपिक जो की है Cyber Crime क्या है।
साइबर क्राइम क्या है, ओर क्या इसमें जेल भी हो सकती है। अगर आप इंटर्नेट का इस्तमाल करते हैं तो
आपको पता होना चाहिए कि साइबर क्राइम से कैसे बचे ताकि हमारे साथ कोई धोक ना हो।
अगर गैर क़ानूनी तरीकों की गतिविधि करते हुए पकडे गए तो कोर्ट कचहरी के चक्कर
लगाने पड़ सकते हैं इसलिए इन्टरनेट पर कोई अपराध न करें और खुद भी सावधान रहें तो
सबसे पहले हम जानते हैं कि -
साइबर क्राइम क्या है| साइबर क्राइम हिंदी में
इस बात पर हम कोई शक नहीं कर सकते कि इंटरनेट दिवस प्रति दिन पूरी दुनिया में
खत्म से फ़ैल रहा है.हर उम्र, जाता है, धर्म, क्षेत्र के लोग आज इंटरनेट का उपयोग करते हैं क्योंकि बहुत सारी सुविधाए जैसे
खरीदारी, ई-अध्ययन, ई-समाचार, इंटरनेट बैंकिंग, ई-मेल, स्थान का पता करना या किसी भी चीज के बारे में पता करना हो तो हम सबसे पहले इन्टरनेट पर ही खोज करते
हैं।
लेकिन हर संस्करणों के दो पहलु होते हैं और दुनिया में भी कुछ अच्छे लोग होते
हैं तो कुछ बुरे तो इंटरनेट पर भी कुछ ऐसा ही है जहाँ पर बहुत सारे लोग अच्छे भी हैं तो कुछ
बुरे भी।
जो इंटरनेट पर सूचना चुराकर या दुसरे शब्दों में कहे तो किसी भी जानकारी को
हैक करके उसका गलत उपयोग करते हैं तो उन हैकर्स के द्वारा की गयी इस धोकधड़ी को ही
हम साइबर क्राइम (साइबर अपराध) कहते हैं।
साइबर अपराध प्रकार| साइबर क्राइम कितने प्रकार के होते हैं?
1: हैकिंग(Hacking)
इंटरनेट की दुनियां में सबसे प्रचलित अपराध है हैकिंग, शायद अपने भी यह नाम बार बार सुना
होगा। आपकी कोई वेबसाइट है ब्लॉग है और किसी हैकर ने उसको किराया कर दिया तो फिर वह
उसमे अपनी मन मर्जी के अनुसार सब कुछ बदल कर कर सकता है या आपके पुरे डेटा को
डिलीट कर सकता है।
2: सेवा हमले से इनकार(Denial of Service Attack)
इस हमले को भी वेबसाइट या वेब होस्टिंग पर केवल उपयोग किया जाता है जिसमें
उपयोगकर्ता को दि जाने वाली सारी सेवा अनुपलब्ध कर दी जाती है और फिर उपयोगकर्ता
चाह कर भी कुछ नहीं कर पाता है।
3: वायरस का प्रसार (Virus Dissemination)
यह शब्द से तो शायद आप अच्छे तरीके से वाकिफ होंगे, जब आपके कंप्यूटर में वायरस आता है
तो आपका कंप्यूटर अपने आप कुछ इस तरह के कार्यक्रम चलाने लगता है कि जीनको आप रन
ही नहीं कर रहे हैं।
इसी तरह से इन्टरनेट पर वेबसाइट पर भी होता है जैसे ही आप किसी चीज को डाउनलोड
करते हैं उसके साथ वायरस भी आ जाता है और आपकी सारी जानकारी लीक हो जाती है जिसका
हैकर अपनी मर्जी से गलत स्लैम भी कर सकता है।
4: कंप्यूटर फोर्जरी (Computer Forgery)
अपने डिजिटल इंडिया की एक योजना डिजिटल लॉकर का नाम तो सुना ही होगा, नहीं तो आप डिजिटल लाकर क्या है।
यह ऐसी योजना है जहां हम अपने सभी दस्तावेज़ को सत्यापन द्वारा इन्टरनेट पर रखते
हैं और उसके बाद हम उन्हें कहीं से भी डाउनलोड कर सकते हैं। या किसी भी कार्यालय
को भेज सकते हैं यहां भी अगर सुरक्षा सही ना हो तो आपके दस्तावेज़ चोरी हो सकते
हैं
5: क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी (Credit Card Fraud)
अब इंटरनेट का जमाना है तो तो बहुत साड़ी चीजे हम इन्टरनेट से खरीदते हैं और
अपने क्रेडिट कार्ड से ही पे भी कर देते हैं लेकिन कभी कभी क्या होता है की जैसे
ही आप अपने क्रेडिट कार्ड की डिटेल डालते हैं क्या हैकर उस डिटेल को चैट कर देते
हैं लेता है और आपका सारा पैसा लूट सकता है यह भी एक बहुत बड़ा साइबर अपराध है।
इससे कैसे बचे उसकी युक्तियाँ आप यहाँ पढ़ सकते हैं जिसमें बताया गया है कि
ऑनलाइन धोखाधड़ी से कैसे बचे।
6: फ़िशिंग (Phishing)
फ़िशिंग का मतलब होता है मछली पकड़ना, वही टेक्निक इन्टरनेट पर उपयोग की जाती है लोगो के आईडी और पासवर्ड पता करने
के लिए उसको फ़िशिंग खेते है।
जेसे कोई वेबसाइट है जिनमे लॉग इन करने के लिए आईडी और पासवर्ड डालना पड़ता है
(फेसबुक, ट्विटर, कोई बैंक साइट या कोई और साइट) तो उसका बिलकुल एक ही पेज डिज़ाईन किया जाता है
और उसकी लिंक भेजने की जाती है जिस्की डिटेल कुरानी है। फिर वो उसको ओपन करके जब
लॉग इन करना कहते हैं तो लॉग इन करें तो ऐसा नहीं होता है और उनकी आईडी और पासवर्ड
हैकर के पास चला गया है।
इससे बचने का तरीका है, जब किसी भी साइट में अपना ईद पासवर्ड्स, उसे पहेले url जरुर चेक करे सही हो जब खुद ही अपनी डिटेल्स हो जाए।
जो ओटीपी का उपयोग किया जाता है वह इससे दूर से बचने के लिओये होता है, इसलिए यदि किसी के पास आपकी आईडी
और पासवर्ड चला भी जाए तो भी उन्हें आपके मोबाइल पर जो ओटीपी आता है वह भी डालना
पड़ता है।
अगर आप गलती से किसी फिशिंग साइट पर अपनी डिटेल दाल दे, तो उसके तुरंत बाद अपना पासवर्ड
बदल दें।
7: ई-मेल स्पूफिंग (E-Mail Spoofing)
इसका मतलब यह है कि किसी को भी आपके नाम से गलत डेटा भेज देना या किसी को भी
ऐसी गन्दी गन्दी चीजे या कुछ ऐसी भेजना जो आप नहीं भेज रहे हैं, या कही पर कुछ गलत टिप्पणी ही कर
दी तो उसमे भी उपयोगकर्ता को समस्या होती है है या बहुत साइबर अपराध में ही अत है।
ये तो थे जो मेनट वह साइबर हमला जो सबसे ज्यादा किए जाते हैं इसके अलावा और
साइबर अपराध भी हैं जैसे:
• साइबर स्टैकिंग
• धमकी
• सलामी हमला
• वित्तीय अपराध
• साइबर पोर्नोग्राफी
• ऑनलाइन जुआ
• साइबर मानहानि
• बौद्धिक संपदा अपराध ... आदि
आपकी सिक्योरिटी
1: ये सबसे बचने के लिए आप एंटीवायरस
डाल सकते हैं जो सबसे अच्छा हो, ऐसा न हो की आप किसी ऐसे एंटीवायरस को इंस्टॉल कर दो जो आपकी ही इनफॉर्मेशन
किसी को भेज रहे हों इसलिए चेक द्वारा रिव्यु देख कर ही एंटीवायरस का उपयोग करें।
2: अपना पासवर्ड वक़्त वक़्त पर 3-4 ज़िपन में बदलते रहें।
3: क्रेडिट कार्ड की इनफार्मेशन किसी
भी असुरक्षित वेबसाइट पर नट्स।
4: जो भी आपके कंप्यूटर में अनावश्यक
सॉफ्टवेयर इंस्टाल है उन्हें हटा दे, कभी कभी ये होता है कि आप एक सॉफ्टवेयर इंस्टाल करते हैं उसके साथ एक दो और
इंस्टॉल हो जाते हैं तो जो काम के सॉफ्टवेयर नहीं हैं उन्हें हटा दें।ये इक गेस्ट
पोस्ट है, एचएमएच पैर गेस्ट पोस्ट करन के ये हैं
हम आशा करते ही की आपको
ऊपर लिखा हुआ हमार कंटेंट आप सभी लोगो के लीए फायदेमंद रहेंगा. Cyber Crime क्या है इस बारे में आपको कोई भी सवाल है तो आप हमे Comment Box में जरुर बताए.

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