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कम्प्यूटर की जानकरी हिन्दी में और नोट्स




 ➤परिचय(COMPUTER- INTRODUCTION)

      कम्प्यूटर शब्द अंगेजी शब्द "COMPUTER" से बना है, कम्प्यूटर शब्द का सामान्य अर्थ "गणना " करना होता है. इसलिए इसे गणन या संगणन भी कहा जाता है, सामान्य दौर पे कम्प्यूटर का आविष्यकार "Calculation" करने के लिए हु था, पुराने समय पर कम्प्यूटर का इस्तेमाल केलव Calculation करने के लिए होता था, लेकिन आज के जमाने में कोम्प्युटर का इस्तेमाल केवल Calculation करने के लिए ही नहीं बल्कि डॉक्युमेंट बनाने, E-mail, Listening and viewing audio and video, play game के साथ-साथ और कई कामो किया जाता है. जैसे बेंको में, शैक्षाणिक संथाओ में, कार्यालय में, घरो में, दुकानों में, हॉस्पिटलों में कम्प्यूटर का उपयोग किया जाता है. कोम्प्युटर केवल वही काम करती जो आप उसे करने को कहते हो.


➤कम्प्यूटर का आविष्कार किसने किया?:-


         लेटिन शब्द  से बना यह कम्प्यूटर आज मानव  जाती के लिए वरदान बन गया है, आज के जमानेमें कोम्पुटर के बिना काम करना मुश्किल हो गया है COMPUTER का आविष्यकार मैथेमेटिक्स के प्रोफ़ेसर CHARLES BABBAGE ने किया था. CHARLES BABBAGE ने कुछ पार्ट्स की मदद से सबसे पहला Analytic Engine को Design किया था जिसे FIRST MECHANICAL COMPUTER  के नाम न जाना जाता था. लेकिन CHARLES BABBAGE की आर्थिक परिस्थिती के कारण इसे पूरा न कर सके.
             

➤कम्प्यूटर की पीढ़ीया :-

      १. कम्प्यूटर की पहेली पीढ़ी १९४०- १९५६ (वैक्यूम टयूब्स)

                              वैक्यूम टयूब्स का उपयोग इलोक्ट्रॉनिक्स  सिग्नल को कंट्रोल करने के लिए किया जाता था, सबसे पहले उन्ही के द्रारा कम्प्यूटर की कल्पना साकार हुई.वैल्यूम ट्यूब्स आकार में काफी बड़े थे और ज्यादा गरमी उत्पन करते थे वैक्यूम ट्यूब्स की खराब होनी की संभावना अधिक होती थी वो बारे बार ख़राब हो जाते थे. इस की गणना करने की क्षमता भी काफी काम थी. वैक्यूम ट्यूब्स कम्प्यूटर आकर में काफी बड़े होने कारण ज्यादा स्थान घेरते थे.वैक्यूम ट्यूब्स का आकर क़रीबीन एक कमरे के बराबर था.

    २. कम्प्यूटर की दूसरी पीढ़ी १९५६-१९६३ (ट्रांजिस्टर)

                            कम्प्यूटर की दूसरी पीढ़ी में ट्रांजिस्टर का आविष्यकार हुआ था. दूसरी पीढ़ी का इस कम्प्यूटर वैक्यूम ट्यूब्स से अधिक सक्षम थी और सस्ते भी थे. इस पीढ़ी मी वैक्यूम ट्यूब्स के स्थान पर ट्रांजिस्टर का उपयोग किया गया था. ट्रांजिस्टर का आकर वैक्यूम ट्यूब्स की आकर से काफी छोटा था.ट्रांजिस्टर की गणना शक्ति काफी ज्यादा थी.

   ३. कम्प्यूटर की तीसरे पीढ़ी १९६४-१९७१ (इंटीग्रेटेड सर्किट)

                              कम्प्यूटर का आकर और छोटे करने के हेतु तकनीकी प्रयास किया गया और अन्ते में काफी प्रयास के फलस्वरूप में इंटीग्रेटेड सर्किट का आविष्कार हुआ. इंटीग्रेटेड सर्किट कम्प्यूटर अब तक का सबसे छोटा हो सका इसकी गति माइक्रो सेकंड से नेनो सेकंड तक की थी,जो स्माल स्केल इंटीग्रेटेड सर्किट के द्रारा संभव हो सकी.

  ४. कम्प्यूटर की चौथी पीढ़ी १९७१-१९८५ (माइक्रोप्रोसेसर)

                             चौथी पीढ़ी के कम्प्यूटर में माइक्रोप्रोसेसर का उपयोग किया गया था. V.L.L.I. की प्राप्ति से मात्र एक चिप पर हजारो ट्रांजिस्टर लगाना सकते थे. चौथी पीढ़ी में कम्प्यूटर का आकर खूब ज छोटा किया  गया और माइक्रोप्रोसेसर के द्रारा इसकी गतिविधीया काफी बढ़ गई, जिसके यह आकर में छोटा और गतीशील बन सका.

  ५. कम्प्यूटर की पाँचवीं पीढ़ी १९८५ आज तक (आर्टिफीसियल इंटेलीजेंस)

                               आर्टिफीसियल इंटेलीजेंस एक ऐसा कम्प्यूटर है जो कृत्रिम बुद्धि पर आधारित है, कम्प्यूटर की जो अगली पीढ़ी है जिस पर अभी काम चल रहा है और कुछ हद तक सफलता भी मिल चुकी है जैसे की आर्टिफीसियल इंटेलीजेंस पर आधारित कम्प्यूटर। इस प्रकार के कम्प्यूटर सभी काम खुद करने में सक्षम होंगे, इस प्रकार के कम्प्यूटर को हम एक रूप से रोबॉट भी कह सकते है और इसे हम कई अलग प्रकार के मशीन में भी देख सकते है जो  मानव से भी अधिक काम कारना में सक्षम है.

➤कम्प्यूटर के अलग-अलग पॉट्स :-




१. मॉनीटर (Monitor):-

       कम्प्यूटर का ये बहुत ही जरूरी पार्ट है जिसको हम मॉनीटर कहते है, आप अपने कम्प्यूटर पर जो कुछ लिखते है या कुछ काम करते हो तो वो अपने कोम्पुटर स्क्रीन पर देख सकते हो,बिना मॉनीटर के आपको कुछ भी पता नहीं चलेगा क्यूंकि आप को कुछ भी देख पाओंगे की कौनसा प्रोग्राम ओपन हुआ है, या आपका माउस पॉइंटर कहा है.

२. की-बोर्ड (Key-Board):-

         कम्प्यूटर में टाइप करने के लिए आपको की-बोर्ड की जरुरत होती है, बिना की-बोर्ड के आप कम्प्यूटर में कुछ भी टाइप नहीं कर पाओगे. की-बोर्ड कम्प्यूटर का बहुत ही इम्पोर्टेन्ट पार्ट होता है.आप जो भी इनपुट अपने कम्प्यूटर को देना चाहते हो वो आप की-बोर्ड के माध्यम से ही देते हो. बिना कीबोर्ड के आपका काम करना बहुत नामुमकिन हो जाता है.

3. माऊस (Mouse):-

                            मित्रो माउस भी कम्प्यूटर को चलाने के लिए बहुत ज्यादा useful होता है. माउस से आप अपने कम्प्यूटर को बहुत ही जल्दी ऑपरेट कर पाते हो. वैसे तो की-बोर्ड की मद्दद से आप अपने कम्प्यूटर को पूरी तरह से ऑपरेट कर सकते हो लेकिन उसके लिए आपको कम्प्यूटर के सभी शॉर्टकट कीस की जानकारी होनी चाहिए. लेकिन आज के टाइम में जो बहुत ज्यादा कम्प्यूटर का इस्तमाल करते है उनको भी कोम्प्टर या लैपटॉप के सभी कीबोर्ड शोर्ट कीस नहीं मालूम होते है. और इसलिए माउस बहुत जरुरी है.आप माउस की हेल्प से अपने कर्सर को बहुत जल्दी ऑपरेट कर सकते हो जिसकी वजह से कम्प्यूटर में काम करना बहुत आसन हो जाता है.

४. सी.पी.यु (CPU):-

           सी.पी.यु को कम्प्यूटर का दिमाग कहा जाता है, सी.पी.यु का पूरा नाम central processing unit है, आप जो कुछ भी अपने कम्प्यूटर में काम करते हो ऐ सभी इस डीवाईस में सेव होता है, पुरे कम्प्यूटर को चलाने का काम सी.पी.यु (CPU) ही करता है, यदि सी.पी.यु (CPU) खराब हो जाए तो आप कम्प्यूटर का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे क्योंकी कम्प्यूटर के सभी पार्टस को ऑपरेट करने का काम  सी.पी.यु (CPU) ही करता है.

५. रेम (RAM):-

          रेम (RAM) का पूरा नाम RANDOM ACCESS MEMORY है.  रेम (RAM) कम्प्यूटर के प्रोसेस को अच्छे से चलाता है, आगर आपके कोम्पुटर में  रेम (RAM) बहुत ही काम है तो आपका कोम्प्युटर बार बार हेंग होता रहता है और कोम्प्युटर की स्पीड कम हो जाती है, जब आप कोई भी प्रोग्राम अपने कोम्प्युटर में चलाते हो तो उनको प्रोसेसिंग का काम RAM ही  करता है

कम्प्यूटर कैसे काम करता है :-

    १. इनपुट(Input):-

                            इनपुट के लिए आप की-बोर्ड , माऊस इत्यादी इनपुट डिवाइज का प्रयोग करते है साथ ही कम्प्यूटर को सॉफ्टवेर के माध्यम से कमांड देते है या डेटा इंटर करते है.

    २. प्रोसेसिंग (Process):-

                            यह इस प्रकिया का दूसरा भाग है इसमें आप की दिए गए कमांड  डेटा को प्रोसेस द्रारा सॉफ्टवेर में जानकारी और प्रोसेस कराया जाता है.

     ३. आउटपुट(Output):-

                           आउटपुट में आप के दिए गए कमांड के आधार पर प्रोसेस की गए जानकारी आउटपुट कोम्पुटर द्रारा आपको दिया जाती है जो आप आउटपुट डिवाइज द्रारा प्राप्त हो जाता है.

कम्प्यूटर की उपयोगिता:-

 १. कम्प्यूटर के उपयोगने मानव जाती को विविध क्षेत्रों में अनेक लाभ पहुंचाए है, इंटरनेट के माध्यम से पुरे विश्व से जुड़ गए है. हम अपने घर  बैठे-बैठे कोई  सूचना प्राप्त करा सकते है और दूसरे देश में रहने वाले हमारे मित्र, सागा-सबन्धीओ बहुत आसानी से बात-चीत कर सकते है,उन्हें सन्देश भेज सकते है, इ-मेल कर सकते है. यह कम मूल्य पर उपलब्ध होने वाली सेवा का लोग भरपूर लाभ उठाते है.

२. कम्प्यूटर शिक्षा आज के जमाने का फलता-फूलता व्यवसाय है.
३. कम्प्यूटर व्यवसायने लाखो लोगो को रोजकार के अवसर प्रदान किया है.
४. बैंकींग जैसी  सुविधा में  कम्प्यूटर का कोई जवाब नहीं है, हम घर पर  ही बैंक से जुड़े काम काज कर सकते है.

कम्प्यूटर की हानियां:-

१.जहा एक और कम्प्यूटर लोगो को स्मार्ट बना रहा है वही दूसरी और आज कल लोग इसका इस्तेमाल जरुरत से ज्यादा कर रहे जो बीमारी का शिकार बन जाते है. 
२. कम्प्यूटर का अधिकतम प्रयोग स्वस्थ के लिए हानिकारक साबित हो जाता है.
३. मोबाइल और कम्प्यूटर स्क्रीन पर ज्यादा तक देखते रहने से सबसे ज्यादा आँखो को नुकशान होता है.

कोम्प्युटर का फुल नाम :-

        ⧫C-COMMONLY
        ⧫O-OPERATED
        ⧫M-MACHINE
        ⧫P-PARTICULARLY
        ⧫U-USE IN
        ⧫T-TECHNICAL
        ⧫E-EDUCATIONAL
        ⧫R-RESEARCH

पॉवर पॉइंट क्या है (POWER POINT):-

            Power point २० अप्रिल १९८७ में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के Robert Ga-skin and Denis Austin ने बनाया है. power point का निर्माण Microsoft कंपनी ने किया है. जिसे तरह से MS OFFICE के MS WORD, MS EXCEL भाग है ठीक हे POWER POINT भी MS OFFICE का एक भाग ही है.
            आज के समय में POWER POINT इतना एडवांस हो गया है की आप इसके अंदर किसी भी प्रकार की प्रेजंटेशन पर कार्य कर सकते हो आज के समय में जो POWER POINT का NEW वर्जन हे वो काफी एडवांस है. इस नई वर्जन में किसी भी प्रकार की ग्राफ़ीक, किसी भी प्रकार की एनीमेशन, कीसी भी प्रकार का बैकग्राउंड, किसी भी  प्रकार के सांग्स और किसी भी प्रकार की विडिओ/फोटो आप अपने प्रेजेंटेसन में जोड़ सकते हो. इसे जोड़ने से आपका प्रेजंटेशन काफी अट्रेक्टिव लगेगा।
           आज दुनिया की सारी बड़ी बड़ी कंपनिया अपने प्रोजेक्ट को अपने कर्मचारी या बॉस के सामने प्रेजन्ट करने के लिए POWER POINT का इस्तमाल करते है. POWER POINT का उपयोग दुनिया की हर मल्टीनेशनल कंपनीया ही नहीं बल्कि शिक्षण क्षेत्र, सरकार विभाग के अफसर और कही छोटी-छोटी कंपनी भी इसका उपयोग करती है.
                                                                   MANU BAR
                                                                            ⬇
                                       

⧭RULER BAR:-

          RULER BAR  से आप अपने पेज के टाइप एरिया का साइज सेट कर सकते हो और टाइप एरिया की डिफाइन कर सकते हो।

⧭PAGE THUMBNAIL:-

          PAGE THUMBNAIL से आप अपने प्रेजंटेशन फ़ाइल के सभी पेज साइज बार में छोटे रूप में दिखाई देते है।

⧭ZOOM BAR:-

         ZOOM BAR  से आप प्रेजंटेशन के पेज़ को ज़ूम कर सकते हो.

Types of computers:-

                       1.DESKTOP                                              2.MOBAILE                                                                    3.LAPTOP

१. डेस्कटॉप 

           इस तरह के कम्प्यूटर को एक एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना बहुत ही मुश्किल था. मॉनिटर की स्क्रीन की जो बात करे तो आप कभी  डेस्कटॉप कम्प्यूटर की स्क्रीन साइज बढ़ा सकते हो. अपने हिसाब से डेस्कटॉप में मॉनिटर लगवा सकते हो. मान लीजिए की अपने जो अभी कम्प्यूटर खरीद लिया है उसका मॉनिटर आपके लिए छोटा पड़ रहा है और आप आगे जाके गेमिंग करना साहते ते हो या तो आप को विडिओ एडीटिंग करना सहते हो तो आप को कई बार बड़ी स्क्रीन चाहिए होता है तो ऐसे में डेस्कटॉप आप के लिए बेस्ट है. 

२. मोबाईल 

         आज का युग यानी के स्मार्ट युग. आज मोबाईल का उपयोग काफी मात्रा में बढ़ गया है. मोबाईल एक मिनी कम्प्यूटर ही हे, जो काम आप अपने  कम्प्यूटर में करते हो वही काम आप अपने इस छोटे से मोबाईल फ़ोन पे कर सकते हो.

➽ पुरे विश्व में एक अंक में मुताबित मोबाईल यूजर्स की संख्या :-


S.No.
देश
यूजर्स की संख्या
1
चीन
115 करोड़
2
अमेरिका
27 करोड़
3
ब्राजील
13.92 करोड़
4
रूस
10.43 करोड़
5
इंडोनेशिया
17.4 करोड़
6
भारत
97.54 करोड़

३. लेपटॉप 


          लेपटॉप को आप कही भी आप  के साथ ले जा सकते हो, यहाँ पे आपको पता ही होगा कम्प्यूटर को बार बार एक जगह से दूसरी जगह ले जाना कीतना मुक्सिल काम है लेकिन आप लैपटॉप को आप सिंपल से बैग में रख कर कही भी ले  जा सकते हो।  लैपटॉप का इस्तेमाल ट्रेवल करते समय, स्कुल या कॉलेज में पढ़ाई के लिए कर सकते हो.      
                         







आप जो भी इनपुट अपने कंप्यूटर को देना चाहते हो वो आप कीबोर्ड के माध्यम से ही देते हो. बिना कीबोर्ड के आपका काम करना बहुत नामुमकिन हो जाता है.

       

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